डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, TFI—शिक्षकों के साथ वार्ता में जो बयान देते हैं, संसद में उसके विपरीत बयान दे रहे हैं। यदि आप शिक्षकों के साथ है तो उत्तर में सभी राज्यों से सूचना माँगे जाने और विचार करने का उल्लेख आना चाहिए था ।आपके इस बयान की जितनी निंदा की जाये वो कम है। देश के 20 लाख शिक्षक जो आपके द्वारा निर्धारित योग्यता हासिल करके शिक्षक बने हैं उन्हें सेवा में आने के 20-25 वर्ष वर्तमान की योग्यता हासिल करने को बाध्य करना कितना न्यायोचित है?
20 वर्ष पहले पुलिस, सेना या अर्धसैनिक बलों में 10 किमी की रेस लगाकर भर्ती अधिकारी या सैनिक को यदि आज दौड़ा दिया जाए तो विभाग ख़ाली हो जाएगा। देश में कितने माननीय न्यायाधीश हैं जो आज CLAT EXAM में बैठने को तैयार हैं? 50-55 वर्ष के शिक्षकों को आज परीक्षा में बैठने को मजबूर किया जा रहा है और शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार तमाशा देख रहा है। देश की संसद में सभी राज्यों से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदो ने गत संसद सत्र में इस विषय को उठाया था लेकिन उसके बाद भी इस प्रकार का उत्तर देना यह सिद्ध करता है कि इनको किसी के हितों से कोई मतलब नहीं है।

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